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JAUNPUR NEWS : घर बार बेच कर लड़ रहा था चुनाव, पर्चा खारिज होते ही फूट-फूटकर रोने लगा निर्दलीय प्रत्याशी, देखे वीडियो

फोटो : अमित कुमार सिंह 

जौनपुर न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के जौनपुर और मछलीशहर संसदीय सीट से नामाकंन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों के नामाकंन पत्रों की जांच मंगलवार को हुई। जिसमे में दर्जनों उम्मीदवारों के पर्चे अवैध पाए गए। अवैध पर्चों को निरस्त कर दिया गया। जिसमें लोकसभा जौनपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी अमित कुमार सिंह का पर्चा भी खारिज हो गया। पर्चा रद्द होते ही निर्दलीय प्रत्याशी अमित सिंह कलेक्ट्रेट परिसर में फूट फूटकर रोने लगा। पर्चा खारिज होने का जिम्मेदार उसने अधिवक्ता और नामाकंन कराने वाले अधिकारियों को ठहराया है। कलेक्ट्रेट परिसर में रोते ही कहा कि अब तांडव होगा, मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


बताते चले कि जौनपुर जनपद अंतर्गत दरियावगंज गांव के निवासी अमित कुमार सिंह पुत्र राजेश सिंह ने जौनपुर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए नामाकंन के लास्ट दिन यानी कि 6 मई को एक सेट में पर्चा दाखिल किया था। मंगलवार को नामाकंन पत्रों की जांच में उनके दस्तावेज में जमानत राशि का चलान न होने के कारण पर्चा निरस्त कर दिया। पर्चा निरस्त होते ही निर्दलीय प्रत्याशी अमित कुमार सिंह कलेक्ट्रेट परिसर में फूट फूटकर रो पड़े। उन्होने रोते हुए मीडिया को बताया कि मैने नामाकंन भरने के लिए बीते 30 अप्रैल को 25 हजार रूपये जमा किया था उसका चालान भी मैने वकील को दिया था। वकील ने मेरे नामाकंन के साथ चालान नही लगाया। उसने नामाकंन में लगे अधिकारियों पर भी आरोप लगाया कि पर्चा लेते समय किसी ने नही बताया कि चालान नही लगाया गया है यदि बताया होता तो मैं उसे लगा देता। 


अमित ने ये भी बताया कि अधिवक्ता के कहने पर मैंने 25000 का ट्रेजरी जमा कर कर अपना नामांकन जौनपुर लोकसभा से किया था। लेकिन अधिवक्ता की लापरवाही से मेरे नामांकन में मूल प्रति ने नहीं लगाई गई, जिसके कारण हमारा नामांकन निरस्त कर दिया गया है। मीडिया से रोते हुए अमित ने कहा कि सांसदी लड़ने के लिए मैंने अपना घर बार सब कुछ बेच दिया था। वही अमित सिंह ने अपनी आवाज को प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  तक पहुंचाने की बात कही है। अमित सिंह ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि डीएम कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा क्यों नही लगाया गया है। अमित ने बताया कि चुनाव लड़ने के लिए 7 मार्च के बाद से खाना नहीं खाया है। मेरे 30 से 35 लाख रुपये बर्बाद हो गए।

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